देख तो ज़रा गौर से,
रहा है गुज़र ये देश...इक दौर से,
सारा ज़हर बहाकर ले जाएगा अपने साथ,
ये सच्चाई का सैलाब सब और से।
गूंजेगा "गगन" में शंखनाद,
बरसेंगे बादल भी खास तौर से,
आँसू खुशी के होंगे आँखों में,
होंगे शब्द भी मेरे भाव-विभोर से।
तू देख तो ज़रा गौर से,
देख तो ज़रा गौर से |
रहा है गुज़र ये देश...इक दौर से,
सारा ज़हर बहाकर ले जाएगा अपने साथ,
ये सच्चाई का सैलाब सब और से।
गूंजेगा "गगन" में शंखनाद,
बरसेंगे बादल भी खास तौर से,
आँसू खुशी के होंगे आँखों में,
होंगे शब्द भी मेरे भाव-विभोर से।
तू देख तो ज़रा गौर से,
देख तो ज़रा गौर से |
waah waah! Gagan Ji! SAHI!!
ReplyDeleteThanks Yathi sir :)
Delete